ख्वाब सभी ऊँचे है मेरे

Jyoti

सुना है अक्सर लोगो को दोहराते हुए की ख्वाब सभी ऊँचे है मेरे, गिर कर उठाना जानती हु इसलिए कहती हू ख्वाब सभी सच्चे है मेरे । अभी चलना ही सीखा  है इसने ऐसा कहना है उनका, बचपन का सुरूर  है ऐसा मानना  है उनका, उड़ान  क्या होती है कहाँ जाना है इसने , ज़िद्दी है थोड़ी इसलिए किसी का  कहा कहाँ माना  है इसने, ठोकर खा कर गिरेगी तो होश संभल जायेंगे, ऊँची उड़न उड़ने के सभी शोख़ बिखर जायेगे, मैं भी ख़ामोशी से सुनती हू  सबकी बातें , क्योंकि इरादे अभी भी पक्के है मेरे, गिर कर उठाना जानती हू इसलिए कहती हु ख्वाब  सच्चे  है मेरे, सुना है अक्सर लोगो को दोहराते हुए की ख्वाब  सभी ऊँचे है मेरे। लोग बेशबब ही मशरूफ है मेरी फ़िक्र मे, ये सबूत है मेरे इरादों का की बार-बार नाम आता है मेरा उनके जिक्र में , पता नही लोग मेरे ख्वाबो की उड़ान से खफा है ? शायद इसलिए ही रोकते…

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One Reply to “ख्वाब सभी ऊँचे है मेरे”

  1. JO GIRA NAHI WO SIKHAA NAHI……….KHWAAB HAMEN UDAATAA HAI ………HAM UDNAA CHAHTE HAIN ……..JISNE KHWABON KO DAMAN KAR DIYA WO HAMEN DARATE HAIN YAA JISKO KHWAABON NE DHOKAA DE DIYAA WO HAMEN ROKTE HAIN………HAM KYAA KARE…….BAHUT KHUB

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