अकेलापन

कौन कहता है अकेलापन तन्हाई लाता है
मुझे तो अकेला रहना खूब भाता है।

करती हूं बातें कुछ खुद से
कुछ तारीफें करती हूं खुद की
तो कुछ बुराइयां भी होती है
होते है कुछ सवाल जवाब खुद से
पहचानती हूं मैं खुद को कुछ और अछी तरह
जब पूरा जग खामोशी से सो जाता है।

कौन कहता है अकेलापन तन्हाई लाता है
मुझे तो अकेला रहना खूब भाता है।

वक़्त गुज़रती हूं सोचने विचरने में
कुछ सुधार भी लाती हूं खुद को सवारने में
दृढ़ विश्वास जगाती हू अपने इरादों में
भरोसा भी दिखती हूं किसी के किये वादों में
देख सपने सुहाने कल के
जब चेहरे में रंग चढ़ जाता है।

कौन कहता है अकेलापन तन्हाई लाता है
मुझे तो अकेला रहना खूब भाता है।

बड़ा सुकून देता है कभी कभी अकेला रहना
कमजोरियों से लड़ना सिखाता है
अकेला वक़्त ही तो है
जो इंसान को और भी मजबूत बनाता है।

कौन कहता है अकेलापन तन्हाई लाता है
मुझे तो अकेला रहना खूब भाता है।

                         -Jyoti Yadav
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4 thoughts on “अकेलापन

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  1. क्या खूब लिखा है —-कौन कहता है अकेलापन तन्हाई लाता है
    मुझे तो अकेला रहना खूब भाता है।

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