हार या जीत

खबर हुई है कि कल मुल्को की लड़ाई में एक मुल्क जीत गया।

आंकड़े अभी पूरे भी नही होंगे जाने कितनी जिन्दगियां हार गई।

~Jyoti Yadav

Advertisements

Burning Desire

Her face

Red like burning sun

Her eyes

Tempering like boiling water

She is walking

In middle of afternoon

She is boiling

Under the Orange sky

Her thrift isn’t easy

She is speeding

More than burning sun

She isn’t tired

She isn’t feeling hot

Because

A desire is burning inside her

More than the burning sun

The Women

She is

About to change the world.

वंश 

सुना एक बड़े आदमी को कहते हुए की,
वंश तो आगे औलाद ही बढ़ाएगी
मेरे मरने के बाद भी मेरा नाम चलाएगी।
मैं बेऔलाद, मैने अपने सारे संस्कार,
सारा प्यार एक अनाथ पे लूटा दिया।
आज मैं तो नही इस दुनिया मे, 
पर ऊपर से देखता हूं
दुनिया में मेरा नाम बहूत है। 

                                        ~Jyoti Yadav

अकेले रास्ते ओर मैं : I & Lonely Road

आज कल मेरा मन अकेले राहों पे चलने को करता है
न तकलीफ है अकेलेपन की न ही कही खो जाने से डर लगता है।
 
ना दर्द होता है ना ही कोई आह निकलती है
बस मन में जलते अरमानो से धुआं कही उठता है।
 
उलझे से कुछ ख्याल हैं बदले से कुछ हाल है
ना खुद कुछ समझने को 
ओर ना किसी को समझाने को मन करता है।
आजकल मन मेरा अकेले राहों पे चलने को करता है।
 

ना उम्मीद किसी के साथ की
ना ख़्वाहिश किसी के हाथ की
आदत नही है अब रोशनी की
बस अंधेरो में खो जाने को मन करता है।
आजकल मन मेरा अकेले राहों पे चलने को करता है।


रास्ते मेरे हमसफर बन गए
हवाये मेरी सहेली हो गई
ना अब किसी इंसान से जी लगाने की मन करता है।
आजकल मन मेरा अकेले रास्तों पे चलने को करता है।


जी करता है बह जाऊ दरिया के संग
ओर लौट के ना आऊ कभी
कल कल करती लहरों के संग शीतल होने का मन करता है।
आजकल मन मेरा अकेले रास्तों पे चलने को करता है।

मिल जाऊ इन हवाओं में
समा जाऊ इन फ़िज़ाओं में
इन वादियों में घुल जाने को मन करता है।
आजकल मेरा मन अकेले रास्तों पे चलने को करता है।

                                               ~Jyoti Yadav

वक़्त हूं मैं

अभी गुज़रा था एक मोहल्ले से तो देखा
एक मासूम अपनी माँ के मृत शरीर से लिपट कर रो रहा था
रूह कांप उठी वो नज़ारा देख कर
मन किया वापस लौट जाओ
ओर लौटा दूँ खुशियाँ उस मासूम को
मगर क्या करूँ वक़्त हूं मैं
दिल पे पत्थर रख के आगे बढ़ गया।

आगे बढ़ा गुज़रा एक शहर से तो देखा
एक नौजवान बेरोज़गारी में मायूस बैठा है
उदासी छाई उसको देख कर
मन किया दौड़ के जाऊ
ओर उसका भविष्य दिला दूँ उसको
मगर क्या करूँ थोड़ा सख्त हू मैं
आंखे बंद करके आगे बढ़ गया।


गुज़रा एक सरहद से तो देखा
जंग में जाने कुर्बान हो रही है
दिल बैठ गया इतनी नफरत देख कर
मन किया बदल दू कायनात
ओर प्यार भर दूँ इनमे
मगर क्या करूँ लाल रक्त सा हूं मैं
लड़ते जवानों के जिस्म से बह गया।

 

~Jyoti Yadav

Disappoint them… !!!

A have heard a quote from my mother that now a days people are not sad because of their own problems, they are sad because you are happy. Some People want to see you sad and fail.

Now it becomes your responsibility to disappoint them. Always work hard and achieve your goals. Even if you fail, give it another try. Never ever give up. Keep getting failure untill  you receive SUCCESS. 
And yes… Disappoint them 🙂

– Jyoti Yadav